स्टैटिक और डायनैमिक QR में फ़र्क़ क्या है?
स्टैटिक कोड में पता अंदर छप जाता है और कभी नहीं बदलता। डायनैमिक कोड में एक छोटा लिंक छपता है, पता आप बाद में बदल सकते हैं।
छोटा सा नियम: पता कभी नहीं बदलेगा, तो स्टैटिक। बदल सकता है, या गिनती चाहिए, तो डायनैमिक। बाकी सब इसी की तफ़सील है।
स्टैटिक कोड
स्टैटिक कोड में आपका पता सीधे उन्हीं काले-सफ़ेद ख़ानों के अंदर छप जाता है। बीच में कुछ नहीं होता, इसलिए वह हमेशा चलता रहेगा — न खाता चाहिए, न रिन्यूअल।
पेच यह है कि पता छपे हुए कोड का हिस्सा बन चुका है। उसे बदला नहीं जा सकता। बदलना है तो नया कोड छपवाना पड़ेगा।
डायनैमिक कोड
डायनैमिक कोड में हमारा एक छोटा लिंक छपता है। कोई स्कैन करता है तो वह लिंक उसे वहाँ भेज देता है जहाँ आपने भेजना तय किया है।
इसका सीधा फ़ायदा दो हैं:
- पता बाद में बदल सकते हैं। मेन्यू का लिंक बदल गया? डैशबोर्ड में एक बार बदल दीजिए। मेज़ पर लगे सारे स्टिकर वैसे ही चलते रहेंगे।
- गिनती मिलती है। हर स्कैन हमारे लिंक से होकर जाता है, इसलिए आपको पता रहता है कि कोड कितनी बार चला। कोड को कुछ दिन बंद और फिर चालू भी कर सकते हैं।
हिन्दी वाली बात
यह फ़र्क़ हिन्दी में और भी मायने रखता है।
हमारे यहाँ स्टैटिक कोड सादे अंग्रेज़ी अक्षरों में बनते हैं। इसलिए स्टैटिक कोड के अंदर हिन्दी, ₹ या इमोजी नहीं जाते। ऐसा कोड माँगने पर बनता ही नहीं, और यह आपको बनाते वक़्त वहीं बता दिया जाता है। छपवाने के बाद पता चले, ऐसा नहीं होगा।
डायनैमिक कोड में यह दिक़्क़त है ही नहीं। कोड में तो सिर्फ़ छोटा लिंक छपता है; आपकी हिन्दी उस लिंक के पीछे रहती है। हिन्दी में विज़िटिंग कार्ड या संदेश बनाना है, तो डायनैमिक लीजिए।
तो किसमें क्या
| आपको चाहिए | लीजिए |
|---|---|
| एक ऐसा लिंक जो कभी नहीं बदलेगा | स्टैटिक |
| मेन्यू, ऑफ़र, या कोई भी बदलने वाला पता | डायनैमिक |
| स्कैन की गिनती | डायनैमिक |
| हिन्दी या किसी और भारतीय भाषा में सामग्री | डायनैमिक |
दाम प्राइसिंग पेज पर देख लीजिए।